Thursday, August 27, 2015

वापस आ जाएगी रूठी नींद


यह साधारण सी बात लगती है कि मेरी नींद पूरी नही होती या फिर मुझे नींद नहीं आती है। लेकिन इसे साधारण समझने की गलती न करें, यह इंसोमेनिया या स्लीपिंग डिसॉर्डर भी हो सकता है। महानगरीय जीवन, अव्यवस्थित दिनचर्या और काम का बोझ आपसे आपकी नींद छीन रहा है।
कई लोग रातभर करवट बदलते रहते हैं, जिसे एक तरह का साइकेट्रिक डिस्ऑर्डर माना जाता है। इंसोमेनिया और ऑब्सट्रक्टि स्लीप एपीनिया दो बीमारियां है, जिनमें नींद हमसे कोसों दूर भागती है। दोनों ही स्थितियों का इलाज न होने पर परेशानियां हो सकती हैं।
रॉकलैंड अस्पताल में इंटर्नल मेडिसिन एक्सपर्ट डॉं आर. पी. सिंह कहते हैं, 'नींद का कोई निश्चित पैमाना नहीं होता है। हर व्यक्ति की शारीरिक बनावट और चक्र के मुताबिक उसकी जरूरतें भी अलग-अलग होती हैं। लेकिन फिर भी स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को 8 से 10 घंटे, किशोरावस्था में 8-9 घंटे की नींद जरूरी है, जबकि युवाओं और प्रौढ़ों के लिए 7-8 घंटे की नींद पर्याप्त रहती है। एक स्वस्थ व्यक्ति को 10 से 15 मिनट में अच्छी नींद आ जाती है, इसके लिए उसे प्रयास नहीं करना पड़ता।Ó
क्या है इन्सोमनिया?
पिछले कई सालों में इन्सोमनिया के कई मामले सामने आए हैं। यह कई तरीके का हो सकता है। जैसे बिस्तर पर जाने के काफी देर बाद नींद आना, दिन में नींद के झटके आते रहना, रात में ज्यादा सपने आना, बार-बार नींद का टूटना, मुंह सूखना, पानी पीने या पेशाब के लिए बार-बार उठना, खर्राटे लेना, रातों में टांगों का छटपटाना, नींद में चलना आदि।
अक्?सर नींद को लोग थकावट या फिर दिमागी तनाव से जोड़ कर सोचते हैं और अच्छी नींद लेने के लिए खुद ही कोई नींद की गोली खा लेते हैं। इस तरह बिना कारण जाने नींद की गोलियां लेने से बीमारी और बढ़ सकती है। हो सकता है कि नींद न आने के सिर्फ ये कारण न हों, कोई अन्य हो। कई बार कार्य करने के घंटों में फेरबदल होने से भी नींद नहीं आती। जिन लोगों की गर्दन छोटी होती है, जबड़ा छोटा होता है, चेहरा बेहद पतला या लंबा होता है, उन लोगों को सोते समय सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। कई बार टांगों में नसें फड़कती है और टांगों में छटपटाहट होने लगती है, जिस कारण वह अच्छी नींद नहीं ले पाता। इसी तरह कई लोगों को नींद में थोड़ा-सा झटका आने पर नींद टूट जाती है। जांच न कराने पर परिणाम भयानक हो सकते हैं।
सुनने में ये समस्याएं छोटी-छोटी जरूर लगती हैं लेकिन इन्हीं असमान्यताओं के कारण ही रात को सोते समय कई बार हार्ट अटैक आ जाता है। अचानक सांस रुक जाती है और नींद में चलते हुए व्यक्ति अपराध तक कर सकता है। अगर समय रहते डॉक्टरी मदद ली जाए तो इस समस्या से निजात मिल सकती है। नींद अच्छी आएगी तो सेहत अच्छी रहेगी और मन प्रसन्न रहेगा।
आदतों में लाएं सुधार
सोने से पहले स्नान: रात को सोने से पहले स्नान करने से आपकी दिन भर की थकान एकदम से काफूर हो जाएगी और आपको बहुत अच्छी नींद आएगी। आप चाहें तो अपने नहाने के पानी में कोई खुशबूदार तेल भी मिला सकती हैं। इससे आपको सुकून भरी नींद तो आएगी ही, साथ ही आपको एक अलग ही शांति का अनुभव होगा।
धूम्रपान और एल्कोहल के सेवन से बचें: कैफीनयुक्त वस्तुओं और एल्कोहल को ना कहें। दोपहर के बाद कॉफी का एकाध प्याला लेना बुरा नहीं है, लेकिन सोने से पहले ऐसा न करें। धूम्रपान भी अच्छी नींद की राह में रोडम अटकाने वाली वस्तु है। सोने से पहले कुछ तरल पदार्थ ले सकती हैं जैसे जूस, दूध आदि।
सोने का एक ही समय निश्चित करें: सोने व जागने के लिए एक समय तय कर लें और उस टाइम टेबल को अपनाएं। इससे आपके शरीर की बायोलॉजिक घड़ी खुद-ब-खुद काम करने लगेगी और आपकी नींद में खलल नहीं पड़ेगा।
देर तक कंप्यूटर या टीवी के सामने न बैठें: सोने से तकरीबन आधा घंटा पहले टीवी और कंप्यूटर बंद कर दें। देर तक इनके सामने बैठने से सिरदर्द, आंखों में जलन आदि का सामना करना पड़ता है जो अच्छी नींद में बाधक है। बेड पर बैठकर टीवी न देखें, इससे भी नींद बाधित होती है ।
संगीत थैरेपी: सोने से पहले संगीत सुनें। वैसे भी कहते हैं कि संगीत के पास हर मर्ज का इलाज है। सोने से पहले अपनी पसंद का संगीत सुनें। पर ध्यान रहे कि संगीत ईयरफोन से न सुनें।
तनाव को बिस्तर पर न लाएं: दिनभर के किसी भी तनाव को अपने साथ बिस्तर पर न लाएं। इसके लिए आप एक डायरी बनाएं। उस पर अपने दिनभर का तनाव लिखें और साथ ही ये भी लिखें कि कल में इस टेंशन का हल तलाश लूंगी। इससे भी नींद आने में मदद मिलती है। अगर कोई तनाव है और नींद नहीं आ रही है तो बिस्तर पर लेटकर उसके बारे में न सोचें। कोई किताब पढ़ें या कुछ ऐसा करें जिससे आपका ध्यान उस तनाव से हट जाए।

पौष्टिक खाना खाएं, अच्छी नींद पाएं


अमेरिका में नींद पर किए गए एक शोध में साबित हुआ है कि सिर्फ तनाव ही नहीं, बल्कि पौष्टिक खाने की कमी भी कम सोने का कारण बन सकती है। किन पदार्थों का करें सेवन और खानपान से जुड़ी किन आदतों में सुधार लाएं ताकि नींद आसानी से आपके पास आ जाए।
हमारे खानपान का सीधा संबध हमारी नींद पर पड़ता है। यह खुलासा अमेरिका में किए गए एक शोध में पहली बार सामने आया है। यह शोध पेंसिलवेनिया विश्वविद्यालय के पेरलमान स्कूल ऑफ मेडिसीन ने करवाया। इसमें नेशनल हेल्थ एंड न्यूट्रिशंस एग्जामिनेशन सर्वे से प्राप्त आंकड़ों पर विस्तार से अध्ययन किया गया। शोधकर्ताओं ने विभिन्न आयुवर्ग के लोगों के सामाजिक-आर्थिक, भौगोलिक स्थिति, उनके डायट चार्ट में पौष्टिक भोजन की मात्रा आदि के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला कि कुछ पोषक तत्व कम और ज्यादा सोने में अहम भूमिका निभाते है।
शोध में पाया गया कि जो लोग साधारण नींद यानी सात-आठ घंटे की नियमित नींद लेते हैं, उनके खाने में विविधता होती है। उनके आहार में नींद के लिए जरूरी पोषक तत्व जिनमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन और मिनरल शामिल हैं, भरपूर मात्रा में होते हैं। ठीक उसके विपरीत कम सोने वालों के शरीर में इन पोषक तत्वों की कमी पाई गई है। नतीजा कि ज्यादा सोने वालों की अपेक्षा कम सोने वाले लोगों के शरीर में ज्यादा कैलोरी जमा होती है। भविष्य में यही कैलोरी मोटापा, मधुमेह, हृदय और रक्तवाहिनियों से संबंधित गंभीर बीमारियों का एक प्रमुख कारण बन जाती है। जानी-मानी वेलनेस एक्सपर्ट डॉं. ईशी खोसला कहती हैं कि रात को आप जल्दी भोजन करने की आदत डालें। रात का भोजन आपके दोपहर के भोजन की अपेक्षा हल्का होना चाहिए। सोने के कम से कम तीन-चार घंटे पहले भोजन करने से भोजन का पाचन अच्छी तरह से होता है। रात में सोने से पहले हल्दी या अदरक मिले दूध का सेवन करने से अच्छी नींद आती है।
शरीर में पानी की कमी
शरीर में पानी की कमी भी कम नींद यानी अनिद्रा का एक प्रमुख कारण हो सकता है। ज्यादा पानी पीने से आपका मेटाबॉलिज्म ठीक रहेगा और शरीर में मौजूद टॉक्सिन बाहर निकल जाएंगे। इसके अलावा विटामिन सी की कमी भी कम नींद का एक कारण है। स्ट्रॉबेरी, संतरा, अंगूर, नीबू, पपीता, कीवी, अमरूद, शिमला मिर्च का सेवन न केवल आपके पाचन शक्ति को बढ़ाता है बल्कि अच्छी नींद में सहायक है। शोध में पाया गया है कि सिलीनीयम जो कि मीट, मछली, चिकन, अंडे आदि में पाया जाता है, खाने से अच्छी नींद आती है। जो लोग शाकाहारी हैं वे नट्स, सनफ्लावर सीड्स, मशरूम, प्याज, चना, बार्ली, ब्राउन राइस, ओट आदि को अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं। लूटिन ओर जैकसनथिन नामक कैरोटिन जो हरी पत्तेदार सब्जियों में पाया जाता है का सेवन भी आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। लाइकोपीन की कमी नींद में बाधक बन सकती है। इससे बचने के लिए आप नारंगी रंग के फल और सब्जियां जैसे संतरा, गाजर, टमाटर, खरबूज का सेवन कर सकते हैं। इनमें एंटी ऑक्सिडेंट तत्व पाए जाते हैं, जो आपके शरीर मेंकोलोस्ट्रॉल को कम करते हैं।
कार्बोहाइड्रेट भी है जरूरी
अच्छी नींद के लिए कार्बोहाइड्रेट की सही मात्रा लेना जरूरी है। वेलनेस एक्सपर्ट डॉं. शिखा शर्मा कहती हैं कि अगर अच्छी नींद चाहिए तो ग्लूकोज, अनाज, दूध और ओट्स का नियमित रूप से सेवन करें। साथ ही संतुलित भोजन पर जोर दें। खानपान के मामले में अनदेखी से आप अनिद्रा की शिकार हो सकती हैं।
नींद नहीं ली तो बन जाएंगे डायबिटीज के मरीज
तनाव के कारण लोग रात में कम नींद ले पाते हैं। अगर आप भरपूर नींद नहीं ले रहे हैं तो मोटापा और डायबिटीज के मरीज बन सकते हैं। सेहतमंद रहने के लिए रोज कितने घंटे की नींद जरूरी है? ब्रिटेन में माइकल मोचले ने नींद पर यूनिवर्सिटी ऑफ सरेज स्लीप रिसर्च सेंटर में शोध किया। देखा कि नींद का एक घंटा बढ़ा देने का क्या असर होता है। शोध में उन लोगों को शामिल किया गया, जो 6 से 9 घंटे की नींद ले रहे थे। इन्हें दो टीमों में बांटा गया। एक टीम को साढ़े छह घंटे और दूसरी को साढ़े सात घंटे की नींद लेने को कहा गया। एक हफ्ते बाद उनके ब्लड टेस्ट लिए गए। अब दोनों को नींद के वक्त की अदला—बदली करने को कहा गया। यानी साढ़े छह घंटे वाली टीम का एक घंटा बढ़ा दिया। साढ़े सात घंटे वाली टीम का एक घंटा कम कर दिया। एक हफ्ते बाद फिर ब्लड टेस्ट लिए गए। यह पाया गया कि जो लोंग अच्छी नींद लेते हैं, उनमें बीमारियों का खतरा कम हो जाता है।

नींद होगी पूरी दिन रहेगा खुशगवार!


चिड़चिड़ा मिजाज, बिगड़ा स्वास्थ्य और गड़बड़ दिन। इन सबकी गुत्थी जिस एक चीज पर आकर खुलती है वह है नींद। नींद यानी वह दवा जिसका सही डोज, सही समय पर लेने पर जिंदगी सेहतमंद और खुशी के रंग में रंगी रह सकती है। पर तेज रफ्तार जिंदगी में नींद के लिए ही वक्त कम होता जा रहा है।
कभी नन्हा बच्चा, तो कभी ऑफिस का ढेर सारा काम और कभी ऑफिस और बच्चे के साथ घर का मैनेजमेंट आपकी नींद पूरी नहीं होने देते। आपके साथ भी ऐसा ही होता होगा। पर नींद की कमी कई बड़ी बीमारियों को भी जन्म दे सकती है, इसलिए जरूरी है कि नींद पूरी हो। पर इसके लिए कुछ बातें आपको याद रखनी होंगी:
कब सोती हैं आप
सुबह सात बजे उठना है, रात के 12 ऐसे ही बज गए हैं। पर मुझे तो फेसबुक एकाउंट चेक करना है। अरे वो जरूरी ई-मेल तो चेक की ही नहीं, जरा वो भी देख लूं। सबकुछ करेंगी पर सुबह जल्दी उठने के लिए जल्दी सोएंगी नहीं। आपकी भी यही आदत है तो बदल दीजिए। सोने का समय तय कर लीजिए और किसी भी हाल में उसी समय पर सोने की कोशिश करें। जल्दी उठने के लिए जल्दी सोने पर ध्यान दीजिए, क्योंकि नींद है तो सेहत है और सेहत है तो दूसरे काम भी हैं।
अंधेरा हो कमरे में
दिनभर के काम, ऑफिस और फिर बच्चे, इन सबके बीच में एक-दो घंटे ही रिलैक्स करने के लिए मिलते हैं। पर, दिन में आराम करने जाओ तो बाकी के बचे काम की चिंता में ही नींद नहीं आती। अगर आपके पास भी सोने के नाम पर यह कुछ घंटे हैं तो इनका इस्तेमाल कीजिए। कमरे में पूरी तरह से अंधेरा करके सोइए। फिर देखिए आराम करने के लिए मिले दो घंटों का आप भरपूर इस्तेमाल कर पाएंगी।
टु-डू लिस्ट देगी अच्छी नींद
10 घंटे चिंताओं में करवटें बदलने से अच्छा 5 घंटे की सुकून भरी नींद का आनंद लिया जाए। रिलैक्स रहेंगी तो जितनी देर भी सोएंगी वो सुकून की नींद होगी। इसलिए जरूरी है कि आप दूसरे दिन किए जाने वाले कामों की टु-डू यानी कल करने वाले कामों की लिस्ट बना लें। ऐसा करना आपको सुकून तो देगा ही, साथ ही यह आपको दूसरे दिन सारे काम हो जाएंगे का आत्मविश्वास भी देगा।
बेडरूम का माहौल हो अच्छा
तकिये का कवर गंदा है, बिस्तर पर गैरजरूरी सामान पड़े हैं। बच्चों ने टॉफी खाई थी, उसके कवर जमीन पर ही पड़े हैं और हां, कमरे के कोनों में जाले भी लगे हैं। बेडरूम का नजारा ऐसा होगा तो सोने के लिए मिलने वाला समय भी बेकार हो जाएगा। मतलब पूरे दिन में नींद के लिए बमुश्किल निकलने वाले कुछ घंटों के समय में आप सुकून ही महसूस नहीं करेंगी। इसलिए जरूरी है कि बेडरूम हमेशा साफ-सुथरा रखिए। बेडशीट, दीवारें या फिर कोई शोपीस सबके सब साफ होंगे, माहौल अच्छा होगा तो यकीन मानिए दो घंटे की नींद भी आपको रिफ्रेश कर देगी।
कम नींद यानी झुर्रियों को बुलावा
जी हां, जरूरत से कम नींद झुर्रियों को जरा जल्दी बुला लेती है। इतना ही नहीं, मुहांसे और त्वचा का रूखापन भी कम नींद का परिणाम हो सकते हैं। दरअसल जब हम सोते हैं तो उस दौरान मस्तिष्क के साथ-साथ त्वचा की भी मरम्मत होती है। जब सोएंगे नहीं तो यह मरम्मत होगी नहीं और असर आपकी त्वचा पर साफ दिखेगा।
नींद अच्छी, तो सेहत अच्छी
ज्यादातर महिलाओं में नींद न आने की परेशानी शारीरिक दर्द से शुरू होती है। फिर खट्टी डकारें, थकान और हमेशा बुझा महसूस करना आम हो जाता है। पर इस पर ध्यान न दिया जाए तो छोटी-सी लगने वाली समस्या बड़ी बन जाती है। किंग जॉर्ज मेडिकल युनिवर्सिटी, लखनऊ के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉं डी. हिमांशु रेड्डी मानते हैं कि मेंटल कंफ्यूजन, डिप्रेशन से होते हुए परेशानी हाइपर टेंशन तक पहुंच जाती है। दरअसल महिलाओं पर पहले के मुकाबले मानसिक दबाव ज्यादा बढ़ गया है। उन्हें परिवार के रख-रखाव और ऑफिस के कामों को साथ में मैनेज करना होता है। डॉं रेड्डी कहते हैं कि इन सबके बीच बने तनाव के परिणाम स्वरूप उन्हें नींद से समझौता करना पड़ता है। महिलाएं मुश्किल से हर रोज 4 से 5 घंटे की नींद ही ले पाती हैं और इसका असर उनकी सेहत पर पड़ता है।
तेज दिमाग के लिए सोएं
सोना हमारे लिए क्यों जरूरी है, यह सवाल बार-बार उठता है और शोधकर्ता अपनी-अपनी तरह से इस सवाल का जवाब तलाशने की कोशिश भीकरते रहे हैं। एक शोध के मुताबिक सोने से हमारे मस्तिष्क की कोशिकाएं रिपेयर होती हैं, इसलिए हमें सोना चाहिए। एक अन्य शोध के मुताबिक सोने से हमारी याददाश्त बेहतर होती है, ऊर्जा मिलती है, ईटिंग डिसऑर्डर से बचाव होता है और साथ ही हम अल्जाइमर जैसी बीमारी के खतरे से भी बचे रहते हैं।
नींद को समझने की दिशा में न्यूयॉर्क के रॉस्टर युनिवर्सिटी की शोधकर्ता डॉं. मेकन नेडर्गार्ड ने एक और कदम बढ़ाया है। उनके अनुसार नींद हमारे मस्तिष्क की सफाई ठीक उस तरह से करता है, जिस तरह से डिशवॉशर बरतनों की सफाई करता है। यानी जब हम जगे होते हैं उस वक्त हमारे शरीर के संचालन के दौरान मस्तिष्क में कई तरह का कूड़ा-कचरा इक_ा हो जाता है। इनकी सफाई का काम मस्तिष्क उस समय करता है, जब हम सो रहे होते हैं। इस क्रम में मस्तिष्क में तरल पदार्थ जाते हैं और वे अपने साथ सारी गंदगियों को बाहर ले आते हैं। इस शोध में इस बात पर भी बल दिया गया है कि अच्छी नींद से अल्जाइमर का खतरा भी कई गुना कम हो जाता है।
बच्चा सोता नहीं, कैसे सोएं?
बच्चा कुछ महीनों का ही है। अपने हिसाब से सोता है, अपने हिसाब से जागता है। पर इन सबके चक्कर में आपका अपना हिसाब गड़बड़ा गया है। सोने के वक्त जागना पड़ता है। जागने के वक्त बच्चे की ड्यूटी में रहती हैं वो अलग। तो मैडम, अपनी ड्यूटी को ऐसे बदलिए कि आप भी नींद ले सकें, वरना रूटीन के साथ आपकी हेल्थ भी गड़बड़ा जाएगी। इसके लिए करना इतना है कि जब बच्चा सोए तो आप भी सो लें। जरूरी नहीं कि जब वो सोए तब आप खाली ही हों। पर वो दिन भर में कई बार सोएगा और जागेगा। ऐसे में उसके सोते ही आप अपनी प्राथमिकता नींद को बनाएं, पर कोई दूसरा काम ज्यादा जरूरी लगे तो कर लें और अगली बार उसके सोते ही अपनी नींद की प्राथमिकता को पूरा कर लें।

Sunday, July 5, 2015

Angelina Jolie’s lookalike Veronika Black is new internet sensation
























A probability of finding a lookalike may be low, but this doesn’t mean that you will not come across such people.
 
The latest in this case is 27-year-old model Veronika Black, who has become an internet sensation because of striking similarity with Hollywood actress Angelina Jolie.
 
Photos of Angelina lookalike Veronika have set the internet on fire for the first time when she injected her lips. She has also enhanced her breasts surgically to a voluptuous 32J.
 
Veronika says that she has always been compared to Angelina Jolie because of her hair and lips resembling the actress.

Sunday, April 5, 2015

Indian BrahMos missiles will strengthen the capacity of India strike


In the defense sector Hindustan Aeronautics Limited (HAL) to the IAF recently supersonic cruise missile BrahMos' first Sukhoi-30 MKI fighters handed equipped. Bangalore, the Aero India 2015 air show in town Yelhanka airbase aircraft in the Air Force was handed over to the new force. Defence Research and Development Organisation (DRDO) Director General Dr aeronautics.'s. Tmilmani flight by Air Marshal SBP Sinha lends certificate was approved. AM General of Aeronautical Quality Assurance by the king Kannu clearance certificate credentials aircraft assigned to Air Marshal Sukhchain Singh. After the missile equipped enemy forces for the fighter aircraft to be extremely deadly and has proven disastrous.

On this historic occasion HAL HAL Chairman for the Suvarna Raju is a very proud moment. HAL after thorough analysis by its internal design team BrahMos missile is fitted into the plane. HAL BrahMos Aerospace Private Limited (Biapiel) made to reduce costs and provide indigenous solutions. Sukhoi-30 aircraft successfully integrating a combination of BrahMos missile, DRDO, HAL and IAF reflects a coordinated and coordination.

Hopefully in a short period, the second aircraft will be equipped with this missile. HAL 2010, the project was taken as a challenge to him in relation to the design of Sukhoi-30MKI were much lower figures. In January 2011 the company received approval for the project and integration in 2014, won the contract for the combination was Biapiel. This was achieved in much less time. Earlier, on February 14, 290 km to the Minister Manohar Parrikar supersonic cruise missile BrahMos longer range of the Indian Navy's INS Kolkata was successfully tested.

The world's fastest cruise missile BrahMos. The US subsonic Tomahawk cruise missile is three times faster. INS Kolkata on August 16 last year approved the Navy. The Indian Navy is extremely powerful and the new warship. BrahMos missile chief Sudhir Mishra eight missiles in general is the ability of a vessel INS Kolkata 16 BrahMos missiles but can stain. The special design of the universal vertical launcher was used horizontally with the help of which the missile can be attacked in any direction.



The first version of the BrahMos Indian Navy from 2005 to engage in the process of its frontline warships have taken up. In 2005, it was deployed in INS Rajput. March 21, 2010 off the coast of Orissa was tested by the Indian Navy's INS Ranvir. Wartikl test that it was vertical. The missile can be launched from the multipurpose platform. The missile has already been inducted into the Army. Two regiments of the Army of the missile is fully operational.

Brahmos functionally involved in the military in the first fleet of 67 missiles, five mobile autonomous launchers includes two mobile command post. The second regiment of BrahMos missiles -2 army is preparing to block the land attack cruise missile is known. The missile has been designed in such a way that the population is too small to be targeted goals. BrahMos Block-2, including terrorist camps can be traversed very specific goals. It is fully capable of surgical strikes. The army is now in the third regiment is ordered to deploy on production.

India's Brahmaputra river and Russia Moskwa BrahMos word is made up names. The missile in 2006, is India's military service. The creation of the Federal State Unitary Enterprise of Russia and India's Defence Research and Development Organisation (DRDO) has been by. The range of the missile costs about Rs 13.65 crore. Its maximum speed is 2.8 MAC. BrahMos missile approximately three times faster than the speed of sound is about to start. BrahMos missile armed with long-range firepower of 200 to 300 kg is able to move with conventional warfare. The missile is 8.4 meters in length, 0.6 meters in diameter and weighs 3,000 kg.

Three versions of BrahMos block with modern guidelines and advanced software has been tested successfully in December 2010 in which three of the missile test was able to prove its accuracy on all parameters. At various points in this trial were included its acrobatic. After the successful test, according to DRDO, India has become the world's only country which has such a sophisticated cruise missile that can hit Dive speed of sound is the last and most difficult targets but also the exact target is likely. The update operation technology and advanced software to a height of 10 meters to the ground and made efficient to penetrate the target. In the areas of cross-border terrorist camps can be dismantled without having to create all sorts of havoc.

India will develop future hypersonic BrahMos missile and will soon become the first country in the world with a speed of about 6,000 kilometers per hour will missile strike. India and Russia in September 2010 and the two countries agreed to build it had signed an agreement. The new version will not be an increase in firepower because Russia has signed Rizim missile control and the more distance than any other country with a range of 300 kilometers, can not develop missile. If the missile is developed then it broke its own record will become the world's fastest missile. The missile is expected to be built by 2016.

Clearly, the success of BrahMos missiles would incur the power of three forces of India.