Tuesday, May 7, 2013

सज्जा दीवारों की


रंगों के त्योहार होली के दौरान अक्सर फ्लोर और दीवारों पर रंग गिर ही जाता है। कैसे करें इसकी सफाई कि घर की सज्जा की खूबसूरती रहे बरकरार..
 रंगों के त्योहार होली बीत गया और इसी के साथ गर्मी के मौसम ने भी दस्तक दे दी है। होली के दौरान खेले जाने वाले रंगों से संभव है कि आपके घर की दीवारों के रंगों को कुछ नुकसान पहुंचा हो, जाहिर है घर के इंटीरियर पर किसी तरह का प्रभाव न पड़े इसलिए आप भी उसकी सफाई के बारे में जरूर सोच रहे होंगे या फिर यह विचार भी हो रहा हो कि क्यों न घर की दीवारों पर नया रंग-रोगन करा लिया जाए। वैसे इसमें कोई दो राय नहीं कि दीवारों पर रंग कराने के लिए यह सही मौसम है। बहरहाल यदि आप नया रंग नहीं कराना चाहते और यदि डिस्टेंपर की जगह दीवारों पर अगर आपने पेंट का इस्तेमाल किया है तो उसकी साफ-सफाई और मेंटीनेंस के लिए इन बातों पर गौर कर सकते हैं-
 -दीवारों की सफाई के लिए यह बेहद जरूरी है कि उन पर वॉशेबल पेंट किया गया हो। ऑयल बाउंड डिस्टेंपर की सफाई की जाए तो उसके पूरी तरह से खराब होने का डर रहता है।
 -वॉशेबल पेंट से रंगी गई दीवारों की साफ-सफाई के दौरान भी कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना जरूरी है। ऐसी दीवारों से रंग या फिर धब्बे को छुड़ाने के लिए पानी के साथ स्पंज या फिर सूती तौलिये का इस्तेमाल किया जा सकता है।
 -दीवारों की सफाई के लिए आप चाहें तो पानी में साबुन भी मिला सकते हैं। पानी और साबुन के घोल से दीवारों पर लगे दाग आसानी से छुड़ाए जा सकते हैं।
 -वॉशेबल पेंट की सफाई के बारे में पेंट बनाने वाली कंपनियों की वेबसाइट्स पर भी जानकारी दी गई होती है। इसकी सहायता भी आप ले सकते हैं।
 -पानी प्रतिरोधी रंगों से रंगी गई दीवारों के लिए आप स्टेन ब्लॉकर की मदद भी ले सकते हैं। इसके इस्तेमाल से सामान्य तौर पर आसानी से दीवारों पर दाग-धब्बे नहीं लगते।
 -यदि साफ-सफाई के बावजूद दीवारों दाग नहीं हटते तो ऐसे में टच-अप का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस प्रक्रिया में दाग लगे हिस्से की सफाई के बाद दुबारा उसी रंग का पेंट कर दिया जाता है।
 -खास बात यह है कि टच-अप करने के बाद जब पेंट पूरी तरह से सूख जाता है तो उसमें किसी तरह का दाग नहीं दिखाई देता। हां, यह संभव है कि नया पेंट कुछ अलग से दिखे, इसके लिए आप प्रोफेशनल पेंटर की सेवाएं ले सकते हैं।
 -यह भी संभव है कि दीवारों के साथ कुछ रंग फ्लोर पर भी गिरा हो और उसकी वजह से फ्लोर कुछ भद्दा दिखाई दे। इसकी सफाई के लिए आप बेकिंग सोडा और पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं।
 -बेकिंग सोडा और पानी को कुछ समय के लिए दाग के ऊपर रखकर छोड़ दें और बाद में उसे सूखे कपड़े से पोंछकर दाग हटा सकते हैं।
 -बेहतर होगा कि बेकिंग सोडा का इस्तेमाल सिर्फ फ्लोर की सफाई के लिए करें, दीवारों के रंगों पर इसके इस्तेमाल से पेंट का नुकसान पहुंच सकता है।
 -इन चीजों का अपनाकर आप एक बार फिर अपने घर की सज्जा और सजावट को उसी रंग में वापिस ला सकते हैं।






स्मार्ट महिला.. स्मार्ट खाता


डिजिटल दुनिया की जरूरत है कि स्मार्टली मैनेज हो आपकी बैंक डिपॉजिट। जानें कि कैसे एटीएम के इस्तेमाल से लेकर मोबाइल एलर्ट तक अब आपके साथ चौबीसों घंटे है ताकत अपने पैसे तक पहुंच और इस पर नियंत्रण की..
 दिनभर की भागमभाग वाली जिंदगी में लगी स्मार्ट महिलाओं को चाहिए एक स्मार्ट बैंक खाता, जो उनकी बैंकिंग जरूरतों को पूरा करने के साथ रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बना सके। इसके लिए बैंकों ने सदियों से चले आ रहे बचत खाता के स्वरूप को बदलकर रख दिया है। अब यह सिर्फ कम ब्याज देकर छोटी बचतों को सहेजने या बचत की आदत डालने वाला साधारण खाता नहीं रहा। बैंकों ने इसमें कई फीचर जोड़कर इसे काफी आकर्षक बना दिया है। इसी के जरिये वह आपसे संबंधों की शुरुआत करते है।
 एटीएम कार्ड मुफ्त में 
 खाते से पैसा निकालने के लिए आपको बैंक आना न पड़े इसके लिए अधिकांश बैंक एटीएम कार्ड खाता खुलने के साथ वेलकम किट में ही दे देते है। कई बैंकों के एटीएम में डेबिट कार्ड का फीचर रहता है इससे आप खरीददारी या उपयोग वाली सेवाओं के बिलों का भुगतान और रेलवे का आरक्षण भी करा सकती है या फिर किसी धार्मिक संस्था या मंदिर को दान देने के लिये भी उपयोग कर सकती है। इसके जरिये खरीददारी को प्रोत्साहित करने के लिए बैंक समय-समय पर कैशबैक ऑफर भी देते है। अब एटीएम कार्ड के जरिये दूसरे खाते में पैसा भी भेजा जा सकता है। कई बैंकों के एटीएम में आपस में तालमेल होता है। इससे आप दूसरे बैंक के एटीएम का उपयोग कर सकती है। अपने बैंक के एटीएम के उपयोग के लिए कोई शुल्क नहीं लगता। कई बैंकों ने कुछ शुल्क भी निर्धारित किया है। स्टेट बैंक ने एटीएम का सबसे बड़ा नेटवर्क स्थापित किया है। कई शहरों में उनके मोबाइल एटीएम भी कार्य कर रहे है। वैसे तो बैंक एटीएम कार्ड मुफ्त देते है, पर कई बैंक वार्षिक या रखरखाव शुल्क के नाम पर कुछ शुल्क पहले या दूसरे साल से लेने लगते है। यदि संयुक्त खाता है तो सभी खातेदारों को एटीएम कार्ड दिया जा सकता है।
 आया मल्टीसिटी चेक का जमाना 
 चूंकि अधिकांश बैंकों की शाखाएं अब आपस में नेटवर्क से जुड़ी रहती है इससे ग्राहक शाखा का न होकर बैंक का हो जाता है और वह दूसरे शहर की शाखाओं भी लेन-देन कर सकता है। इसके लिए बैंक सममूल्य भुगतान सुविधा वाली मल्टीसिटी चेक जारी करता है। कई बैंक तो इन चेकों के ऊपर ग्राहकों का नाम तथा खाता नंबर भी मुद्रित करा देते है। अधिकांश बैंक साधारण शुल्क पर कुछ बैंक उससे कुछ अधिक शुल्क पर इसे जारी करते है।
 सैलरी खाता है तो कई सुविधाएं 
 संस्था के कर्मचारियों का वेतन खाता खोलने वाले संस्थानों के कर्मचारियों को बैंक कई आकर्षक रियायतें और सहूलियतें प्रदान करते है। उनके खातों का वर्गीकरण उनके पद और वेतन के अनुरूप करके सुविधायें प्रदान करते है। इसमें प्रमुख है रिटेल लोन की प्रक्रिया शुल्क की कमी, मुफ्त चेक पर्ची, खाते से असीमित निकासी, एटीएम से अधिक निकासी की सुविधा एवं अधिक सुविधा वाले कार्ड जारी करना, चेक वापसी सुरक्षा या अल्पकालिक ओवरड्राफ्ट या ऋण की सुविधा प्रमुख है।
 आटो स्वीप के जरिए ज्यादा ब्याज 
 यदि आपके बचत खाते में ठीक-ठाक बैलेंस रहता है तो बेहतर है कि उस शाखा में खाता खोलें जहां आटो स्वीप की सुविधा उपलब्ध हो। इसमें महीने में आप द्वारा चुनी गई तिथि पर आप द्वारा निर्धारित राशि से अधिक राशि स्वत: आटो स्वीप के जरिये टर्म डिपाजिट में ट्रांसफर हो जाती है और आपको सावधि जमा का ऊंची दर पर ब्याज मिलने लगता है। यह अधिक ब्याज कमाने का अच्छा जरिया है। भुगतान लेते समय स्वत: टर्म डिपाजिट से राशि बचत खाते में अंतरित हो जाती है और आपका भुगतान हो जाता है।
 इंटरनेट बैंकिंग का मुकाबला नहीं 
 यदि आप टेक्नोसेवी है, आपकी पहुंच में इंटरनेट है तो आप इंटरनेट बैंकिंग के जरिये अपना लेन-देन कर सकती है। बैंक नेट के जरिये बैंकिंग को काफी प्रोत्साहन देते है। स्टेटमेंट छापना, खाते में धन ट्रांसफर करना, चेकबुक की मांग या ड्राफ्ट इत्यादि बनवाना इसकी कुछ मुख्य विशेषतायें है। इंटरनेट के जरिए टैक्स भुगतान को अब सरकार अनिवार्य करने जा रही है। बैंकें यह सेवा भी मुफ्त में प्रदान करती है।
 विशेष लोगों को विशेष रियायतें 
 संपन्न खाताधारकों को बैंक कई तरह की रियायतें जैसे लॉकर किराये में कमी, कुछ सीमा तक ड्राफ्ट, बैंकर्स चेक या धन का प्रेषण या चेकों का संग्रह, डिमेट खाते में छूट, बीमा जैसी सुविधायें प्रदान करते है। ऐसे लोगों के लिए और भी आकर्षक आफरों के साथ व्यक्तिगत सेवा प्रदान करने के लिए रिलेशनशिप मैनेजर भी नियुक्त कर रखे है।
 एसएमएस अलर्ट से अपडेट 
 यदि आपने अपने खाते को एसएमएस अलर्ट से जोडऩे के लिए बैंक में आवेदन कर रखा है तो आपके खाते में होने वाले किसी भी लेनदेन का मैसेज आपके मोबाइल पर आ जाता है। कुछ बैंक खाता खुलने के समय ही यह सुविधा स्वत: ग्राहकों को प्रदान कर देते है और कई बैंकों में आवेदन पत्र देकर या इंटरनेट बैंकिंग के जरिये यह सुविधा लेनी पड़ती है।
 मोबाइल बैंकिंग को बढ़ावा 
 कुछ बैंकों ने इसकी शुरुआत कर दी है। शुरुआत में बिलों का भुगतान या खाते में राशि अंतरित करने जैसे कार्य किये जा सकते है।
 दूसरे बैंकों में पैसा भेजना आसान आरटीजीएस यानी रियल टाइम ग्रास सेटलमेंट एवं एनईएफटी यानी नेशनल इलेक्ट्रानिक फंड ट्रांसफर किया जा सकता है। रिजर्व बैंक द्वारा प्रायोजित यह सुविधा अधिकांश बैंकों की नेटवर्क से जुड़ी शाखाओं में उपलब्ध है। इसके लिए आपके पास उस बैंक का आईएफएससी कोड हेना चाहिए जहां आप पैसा भेज रही है। आरटीजीएस में ऑनलाइन दो लाख रुपये से अधिक का फंड ट्रांसफर होता है, जबकि एनईएफटी में कोई सीमा निर्धारित नहीं है। ड्राफ्ट की तुलना में इसके जरिये पैसा भेजना काफी किफायती है और तत्काल पैसा ट्रांसफर होने से इसका उपयोग दूसरी ओर किया जा सकता है।





Sunday, May 5, 2013

न आएंगे डरावने सपने


हर व्यक्ति की विचारधारा अलग-अलग होती है। कुछ महिलाएं बहुत ही निडर स्वभाव की होती है और उन्हे किसी भी तरह की परेशानी में डर नहीं लगता है। वहीं कुछ ऐसे भी होती है जो परेशानी में तो नहीं घबराती है, लेकिन रात के समय में अंधेरा उनके लिए डर का कारण जरूर बन जाता है। अधिकतर देखा गया है डरावनी फिल्में देखने या इसी तरह की कहानियां सुनने के बाद लोग अक्सर रात को डर जाते है। ऐसे लोगों के लिए कुछ उपाय
 -सोने से पहले अपने आपको रिलेक्स करने के लिए चाहे तो मेडिटेशन कर सकती है।
 -हर्बल चाय का सेवन भी एक अच्छा रास्ता है।
 -हल्का-फुल्का व्यायाम भी कर सकती है।
 -दिमाग में बैठी हुई किसी भी तरह की डरावनी बात को पूर्णतया: निकालने की कोशिश करे। अपनी परेशानियों तथा उनके संभव उपचार की एक लिस्ट बना लें और अगले दिन उन बातों पर अमल करे।
 -सोने से पहले डरावनी फिल्में मत देखें।
 -दूध या दही के साथ स्वअल्पाहार का सेवन करे। यह आपके शरीर में कैल्शियम तथा ट्रिप्टोफैन की मात्रा को बनाए रखता है जो आपको रिलेक्स करने में मदद करता है।
 -तले-भुने तथा कड़वे भोजन से परहेज करे, क्योंकि यह आपको गैस की समस्या से परेशान करने के साथ ही बुरे ख्यालों का कारण बन सकता है।
 -बहुत अधिक चाय-कॉफी का सेवन न करे क्योंकि इसमें पाया जाने वाला निकोटीन नींद को प्रभावित करने में अहम् भूमिका निभाता है।
 -किसी भी तरह के नशे का सेवन न करे, क्योंकि यह आपकी सेहत के साथ ही आपके रहन-सहन पर भी खराब असर डालता है।
 -बुरे ख्वाबों से निपटने के लिए नींद खुलने पर उसे एक पन्ने पर लिख लें। यह जानने की कोशिश करे कि इस बात का जुड़ाव किस तरह से आपकी हालिया जीवनशैली से है।
 -सोने से पहले मन में नकारात्मक विचारों को न आने दें। नकारात्मक विचार दूर करने के लिए आप अच्छा साहित्य या धार्मिक किताबें पढ़ सकती हैं।





ट्रेडी एक्सेसरीज का सही प्रयोग


अपने सपनों के संसार यानी अपने घर को सही और ट्रेंडी एक्सेसरीज से सजाने की अभिलाषा हर किसी के मन में होती है, पर क्या यह काम आप सही ढंग से कर पाती हैं। अगर नहीं तो अपनाइए इंटीरियर डेकोरेटर एलेक्स डेविस के सुझाव
 घर की साज-सज्जा को संपूर्ण टच देने के लिए आप जो भी एक्सेसरीज चुनती हैं, वे आपके घर की खूबसूरती में चार चांद लगा देती हैं तो कभी-कभी उसकी सुंदरता को कम भी कर देती हैं। इसके लिए आपने जो एक्सेसरीज चुनी हैं उनका सही ढंग से प्रयोग करना जरूरी होता है। आप ऐसा करती हैं या नहीं, यहां दिए जा रहे सुझावों के जरिए जानिए और उन्हें अपनाइए भी।
 व्यवस्थित करें एक्सेसरीज 
 कमरों को नेचुरल लुक देने के लिए फूलदान या फिर कैंडल को तीन के समूह में या दूसरी किसी विषम संख्या में रखें ताकि सजावट अप्राकृतिक न लगे। फोटो फ्रेम, कैंडल्स और फूलदान की व्यवस्था का सही प्रयोग करें: बड़ी-बड़ी और लंबी कैंड्ल्स को डेकोरेशन के वक्त सबसे पीछे रखें। जैसे एक टेबल पर कैंडल को सबसे पहले रखें, फिर फूलदान लगाएं और उसके आगे फोटो फ्रेम रखें। इसके अलावा आप इन कैंडल्स को एक के ऊपर एक करके रख सकती हैं, साथ सटाकर भी रख सकती हैं।
 चीजें एक तरह की हों 
 मान लें दो छोटी टेबल हैं तो उसमें फूलदान और फूल भी एक ही जैसे रखें। कुशन भी एक तरह के हों। अगर बेड के एक तरफ चौकोर कुशन रखा है तो दूसरी तरफ भी वैसा ही हो। ऐसा न हो कि उस तरफ कोई अलग आकार का कुशन रख दें। ये सामान सुंदर दिखते हैं।
 सजावट में विविधता 
 सजावटी चीजों की ऊंचाई, आकार और कट को अलग-अलग तरह से इस्तेमाल कर सकती हैं। विभिन्नता और कंट्रास्ट का प्रयोग आप आराम से कर सकती हैं, लेकिन कई रंगों का एक साथ इस्तेमाल कम करें वर्ना सारी चीजें बेमेल नजर आएंगी। राज की बात यह है कि तीन प्राइमरी रंगों से ज्यादा का प्रयोग न करें, क्योंकि इससे कमरा बहुत भरा-भरा सा दिखने लगता है। साथ में सफेद या पारदर्शी ग्लास का इस्तेमाल करें।
 अपने कमरे को एक थीम दें 
 अपने कमरे में कुछ इस ढंग से एक्सेसरीज को इस्तेमाल करें कि लगे आप किसी थीम को दर्शा रही हैं। मसलन अगर आप बाथरूम को सजाना चाहती हैं तो उसमें शंख, छोटे-छोटे पत्थर रखें, उसकी टाइल्स में मछलियों, लहरों या पानी से संबंधित दृश्य हों। दीवार पर समुद्र या पानी से संबंधित कोई बेहतरीन चित्र लगाएं, जो बाथरूम को ताजगी से भर दे।
 कुशन्स में मिक्स ऐंड मैच करें 
 ऐसा प्रयोग करने से पहले यह ध्यान रखें कि तीन प्राइमरी रंगों से ज्यादा का इस्तेमाल न करें। पहले फ्लोरल पैटर्न के कुशन्स लगाएं, फिर स्ट्राइप्स वाले कुशन्स। व्यवस्थित करते समय दोनों तरह के कुशन्स को एक साथ मिलाकर रखें। ऐसा न हो कि एक ओर सिर्फ फ्लोरल पैटर्न वाले, दूसरी तरफ स्ट्राइप्स वाले कुशन रखें।
 ज्यादा प्रयोग न कर सकें तो 
 अगर आपके घर और बजट में ज्यादा प्रयोग करने की गुंजाइश नहीं है तो आप साधारण या प्लेन कुशन के साथ आकर्षक रंगों की पाइपिंग से सजे कुशन्स रख सकती हैं, ताकि सोफे और कुशन्स उभरकर नजर आएं। प्लेन कुशन्स में भी अलग-अलग तरह के शेड्स का प्रयोग कर सकती हैं। इसके अलावा सोफे के फैब्रिक को ध्यान में रखकर उसके कंट्रास्ट फैब्रिक वाला कुशन सजा सकती हैं। बड़े दो सीट वाले सोफे पर पांच से छह कुशन लगाएं। यदि आपको एक ही आकार वाले कुशन्स रखने अच्छे नहीं लगते हैं तो आप इसमें कुछ नया प्रयोग कर सकती हैं। जैसे विभिन्न शेप के कुशन्स रख सकती हैं। कोई चौकोर, गोल, त्रिकोणाकार, अंडाकार या फिर हार्ट शेप वाला कुशन एक साथ रख सकती हैं। इस तरह आप अपनी पसंद की एक्सेसरीज को सही ढंग से व्यवस्थित करके अपने घर-आंगन को नया और आकर्षक रूप दे सकती हैं।





हमेशा यस बॉस..


अब तक यही धारणा प्रचलित थी कि बॉस हमेशा सही होता है और उसकी हर बात माननी चाहिए, पर वक्त के साथ बहुत कुछ बदल रहा है। अब जरूरत है उस पुरानी धारणा को नए सिरे से परखने की..
 कॅरियर की सफलता के लिए केवल अच्छी परफॉर्मेंस ही काफी नहीं है, बल्कि बॉस के मिजाज को समझते हुए उसके अनुकूल व्यवहार करना भी व्यक्ति के प्रोफेशनल स्किल का जरूरी हिस्सा माना जाता है। इसी वजह से बॉस इज आलवेज राइट जैसे जुमले इतने प्रचलित हैं। इस विचारधारा के अनुसार चाहे सही हो या गलत, बिना किसी तर्क-वितर्क के बॉस की हर बात माननी चाहिए। लंबे अरसे तक लोग इसी विचारधारा पर अमल करते रहे। फिर एक दौर ऐसा भी आया जब खुद अधिकारियों को इस सच्चाई का एहसास होने लगा कि बिना सोचे-समझे हमारी हर बात पर हा में हा मिलाने वाले कर्मचारियों की वजह से हमारा और संस्थान का नुकसान हो रहा है। पिछले एक दशक से कुछ ऐसे ही मुद्दे लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गए हैं। सवाल यह उठता है कि कॅरियर में सफलता हासिल करने का सही तरीका क्या होना चाहिए? क्या बॉस इज आलवेज राइट जैसे कथन को सिरे से नकार देना चाहिए या कामयाबी के लिए कोई संतुलित रास्ता अपनाना चाहिए। बॉस के सामने स्पष्ट विचार रखते हुए कामयाबी के रास्ते पर आगे कैसे बढ़ें।
 पहले तोलें फिर बोलें 
 बॉस के सामने कहा गया एक-एक शब्द आपके लिए बहुत मायने रखता है। इसलिए बॉस के साथ अपनी बातचीत की गंभीरता को समझें। चाहे कोई भी टॉपिक हो, काफी सोच-विचार के बाद उनके सामने तर्कसंगत ढंग से अपनी बात रखें।
 बिना सोचे-समझे यस बॉस न कहें 
 जब आप बॉस की बातों से पूरी तरह सहमत हों तभी हामी भरें, क्योंकि आजकल कोई भी अधिकारी हमेशा हा में हा मिलाने वाले कर्मचारियों को पसंद नहीं करता। प्रोफेशनल लाइफ में अधिकारियों के सामने आपका स्पष्टवादी व्यक्तित्व और मौलिक विचार नजर आना चाहिए, पर ध्यान रहे कि आपकी बातचीत का अंदाज हमेशा शालीन और सटीक होना चाहिए।
 असहमति का मतलब असफलता नहीं 
 अगर किसी वजह से बॉस आपका आइडिया रिजेक्ट कर देते हैं तो यह सोचकर मायूस न हों कि आप नाकाबिल हैं, क्योंकि असहमति की प्रोफेशनल वजहें हो सकती हैं।
 निडर होकर दें सही सुझाव 
 अगर आप अपने काम में परफेक्ट हैं तो बॉस को भी आपकी काबिलीयत की कद्र होगी और वह भी हमेशा आपसे सही सुझाव की उम्मीद रखेंगे। ऐसी स्थिति में अगर कभी आपको ऐसा लगे कि बॉस का सुझाव गलत है, लेकिन वह अपने विचारों पर अडिग हैं तो उस वक्त उनसे ज्यादा बहस न करें, पर बाद में तर्क सहित उनके सामने अपना सुझाव जरूर रखें। हो सकता है कि बाद में शात मन से पुनर्विचार करने के बाद वह आपकी बातों से सहमत हो जाएं।
 बॉस के पास है वीटो पावर 
 अगर किसी मुद्दे को लेकर बॉस के साथ आपका मतभेद हो और आपको ऐसा लगे कि आप दोनों ही सही हैं तो ऐसे में बॉस के विचारों के साथ सहमति दिखाने में ही भलाई है, क्योंकि अंतिम निर्णय लेने का अधिकार उन्हीं के पास होता है।
 हर समस्या बॉस के पास न ले जाएं 
 छोटी-छोटी समस्याएं लेकर बॉस के पास जाने के बजाय उन्हें अपने स्तर पर हल करने की कोशिश करें। बार-बार बॉस के पास शिकायतें लेकर जाने से बेवजह उनके सामने आपका इंप्रेशन खराब होगा।
 अगर आप अपने कार्यस्थल पर इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखेंगे तो आपको कामयाबी जरूर मिलेगी।