Saturday, April 20, 2013

इंसानों की तरह होता है शार्क का दिमाग


वैज्ञानिकों का कहना है कि शार्क के दिमाग की कई खूबियां इंसानों के मस्तिष्क की तरह होती हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया (यूडब्ल्यूए) के शोधकर्ताओं ने पाया कि शार्क और कुछ मछलियों के पास मस्तिष्क संबंधी प्रणाली तुलनात्मक रूप से अधिक विकसित होती है और उनका दिमाग भी बड़ा होता है। यूएडब्ल्यू से जुड़ी कारा योपाक के अनुसार शोध में पाया गया कि इंसानों और शार्क में बहुत सारी खूबियां एक जैसी होती हैं। उन्होंने कहा कि दिमागी तौर पर शार्क और इंसानों के बीच कई बातें समान होती हैं।


आउटडोर गेम्स: मस्ती और सेहत का खजाना..


तुम्हारे पसंदीदा खेल कौन से हैं? तुम्हारा जवाब होगा एंग्री बर्ड, फार्म विले, कार रेसिंग, फाइटिंग और ऐसे ही कई और नाम। स्कूल का होमवर्क निपटाने के बाद तुम इन्हें खेलने बैठ जाते होगे। हम मानते हैं कि ये गेम्स टाइम पास कराते हैं और तुम्हें मजा भी खूब आता होगा इन्हें खेलने में, पर आउटडोर गेम्स के मुकाबले ये कहीं नहीं ठहरते। बस एक बार इन्हें खेलने की देर है, तुम दूसरे गेम्स भूल ही जाओगे।
कंप्यूटर गेम्स खेलने में बड़ा मजा आता है। हम भी ये बात मानते हैं, पर क्या तुम यह जानते हो कि तुम्हारे जैसे बच्चों के लिए ऐसे खेल खेलना बड़ा जरूरी है, जिनमें तुम खूब दौड़ो-भागो, उछलो-कूदो और मस्ती करो। अगर तुम ऐसे खेल नहीं खेलोगे तो तुम्हारा शारीरिक विकास ठीक तरह से नहीं होगा। या तो तुम हाइट में छोटे रह जाओगे या फिर कमजोर। क्या तुम ऐसा बनना चाहते हो? नहीं ना, तो क्यों हर समय कंप्यूटर गेम्स, टीवी गेम्स, टीवी प्रोग्राम, काटरून से चिपके रहते हो। जरा घर से बाहर निकलकर देखो न, कई सारे ऐसे खेल हैं, जो तुम्हें खूब पसंद आएंगे। आज हम तुम्हें बताते हैं इन खेलों के बारे में-
ट्रेजर आइलैंड
ट्रेजर आइलैंड बहुत पुराना खेल है। अलग-अलग जगहों पर इसे कई नामों से जाना जाता है। इस गेम में एडवेंचर के साथ एक थ्रिल भी है। इसमें किसी भी चीज को खजाना बनाकर छुपा देते हैं। फिर दूसरी टीम पहली टीम के लिए क्लू बनाती है। उन क्लूज को फॉलो करते हुए उस खजाने तक पहुंचना होता है। इसमें तुम टाइमिंग भी शामिल कर सकते हो। जो भी टीम खजाने को ढूंढऩे में सफल हो जाती है, वह जीती हुई मानी जाती है।
छुपन-छुपाई
ये खेल सबसे पुराना और एवरग्रीन है। तुम्हारे मम्मी-पापा ने भी इसे बचपन में जरूर खेला होगा। इसमें खूब सारे बच्चे एक साथ इक_े होते हैं। एक बच्चे को डेन चुना जाता है। डेन चुनने के लिए तुम अक्कड़-बक्कड़ का सहारा ले सकते हो।
फिर बाकी बचे सभी बच्चे अलग-अलग जगहों पर छुप जाते हैं और डेन उन्हें ढूंढ़ता है। जिस बच्चे को वह सबसे पहले ढूंढ़ लेता है, अगली बार उसे ही डेन बनना होता है। लेकिन एक को ढूंढऩे से ही काम नहीं चलता। उसे सभी को ढूंढऩा होता है। अगर कोई छुपा बच्चा पीछे से जाकर उसे धप्पा कर दे तो डेन को फिर दुबारा डेन बनना होता है।
स्टापू
इसमें जमीन में चौकोर बॉक्सेज डिजाइन कर दिये जाते हैं। एक से दस तक गिनती लिखी जाती है। हर बच्चा एक-एक करके दस खानों में स्टापू फेंकता है। लंगड़ी करते हुए उस पत्थर तक पहुंचना होता है और उसे पैर से खिसकाते हुए वापस लाना होता है। इस गेम से ब्रीदिंग प्रैक्टिस होती है और पैर मजबूत होते हैं।
हंट मिस्ट्री
ये गेम बहुत ही मजेदार है। इसमें किसी खास पौधे, पक्षी या किसी भी खास चीज को ढूंढऩा होता है। इस खेल से नई चीजों के बारे में पता चलता है।
स्पाइंग गेम्स
ये चोर-पुलिस की तरह का गेम होता है। इसमें दो टीम होती हैं। एक टीम चोर बनती है तो दूसरी पुलिस। पुलिस वाली टीम चोर वाली टीम को खोजकर उन्हें कैद करती है।
पि_ू
इस खेल में भी दो टीमें होती हैं। एक टीम पत्थरों का पिरामिड बनाने का प्रयास करती है और दूसरी टीम उसे बॉल से तोडऩे का। यह खेल शरीर व दिमाग दोनों के लिए लाभदायक माना गया है।
घर से बाहर खेलने के हैं कई फायदे..
यह पता चलता है कि तुम्हें किस तरह अपने आस-पास के लोगों और दोस्तों के साथ व्यवहार करना है। घर से बाहर खेले जाने वाले खेलों की वजह से नए-नए दोस्त बनते हैं।
इस तरह के खेलों से शारीरिक और मानसिक मजबूती बढ़ती है। सारा दिन कंप्यूटर या टेलीविजन के आगे बैठे रहने से शरीर मोटा और आलसी हो जाता है, लेकिन इस तरह के आउटडोर गेम्स न केवल आपके शरीर को, बल्कि आपके दिमाग को भी एक्टिव बनाते हैं।
जब तुम घर से बाहर खेलने जाते हो तो अपने आस-पास के पर्यावरण और माहौल की जानकारी पाते हो। इससे पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ती है।
नए बच्चों और दोस्तों के साथ मिलकर हर दिन कुछ नया सीखने को मिलता है, इसलिए आउटडोर गेम्स से सीखने की क्षमता बढ़ती है।
इनसे तुम्हारी लीडरशिप क्वालिटी बढ़ती है। इन्हीं खेलों के जरिये तुम टीम को लीड करना सीखते हो।
टीमवर्क को समझते हो। बहुत सारे बच्चों के साथ खेलने की वजह से तुम टीम में काम करने के लिए प्रेरित होते हो।
शेयरिंग करना सीखते हो। अगर तुम्हारे पास फुटबॉल या बैट है, तो उससे खेलने के लिए तुम्हें दोस्तों की जरूरत होगी। शेयरिंग करके गेम्स खेलना सबसे मजेदार होता है।





बैकलेस ड्रेसेज मतलब टशन


फेस्टिव सीजन में ग्लैम लुक चाहती हैं, तो इन दिनों बैकलेस ड्रेसेज फैशन में हैं। दरअसल, बैकलेस ड्रेसेज सिंपल ड्रेस को भी मॉडर्न लुक बनाने का ईजी वे है। वैसे भी, ये डिजाइन आपकी ट्रडिशनल और मॉडर्न सभी ड्रेसेज पर फबते हैं। यही वजह है कि इन दिनों हर फैशन डिजाइनर बैकलेस ड्रेसेज के हर डिजाइन में खूब क्रिएटिविटी दिखा रहे हैं। हालांकि इसी के साथ ही बैक डिजाइंस भी पॉप्युलर हो रहे हैं। फैशन डिजाइनर लीना सिंह कहती हैं कि ड्रेसेज में बैक डिजाइन आपको ग्लैम लुक देते हैं। 2013 का सबसे हॉट ट्रेंड बैकलेसेज ड्रेसेज हैं, जो आपको ट्रडिशनल वियर से लेकर वेस्टर्न में हर स्टाइल में नजर आएंगी। इसके अलावा, बैक डिजाइंस में हैवी अक्सेसरीज भी डिफरेंट पैटर्न में यूज की गई हैं।
हर ड्रेस पर परफेक्ट
बैक डिजाइंस आपकी हर तरह की ड्रेस पर सूट करेंगे। अगर आप ब्लाउज के बैक पर डिजाइन बनाना चाहती हैं, तो बैकलेस विद डोरी, सिंगल शोल्डर, स्ट्राइप्स, बो, बटरफ्लाई वगैरह डिजाइन बनवा सकती हैं। वहीं गाउन, फ्रॉक, टी-शर्ट, टॉप वगैरह में हैंगिंग, पाइपिंग, एम्ब्रॉयडरी व पैच वर्क भी डिफरेंट कट में यूज कर सकती हैं। इसके अलावा, बैक डिजाइन में अक्सेसरीज भी डिजाइन की जा रही हैं। इनमें स्टाइलिश डायमंड राउंड रिंग, ब्रेसलेट, क्रिस्टल व ब्रॉच की डिफरेंट शेप्स को ड्रेसेज में डिजाइन किया जा रहा है, ताकि आपकी ड्रेस का बैक डिजाइन बिल्कुल अलग लगे और कोई भी आपकी ड्रेस की तारीफ किए बिना ना रह सके।
डिजाइनर क्रिएटिविटी
फैशन डिजाइनर अंजलि कपूर कहती हैं कि बैक डिजाइन में आपको हर स्टाइल मिल जाएगा। आप अपनी ड्रेस की बैक में लेस, मिरर, सिक्विन, एम्ब्रॉयडरी, पैच, फ्रील, क्रिस्टल वगैरह तो लगा ही सकती हैं। वहीं, आपको बैक डिजाइन में कट्स और पैटर्न्स में भी बहुत सारी वरायटी मिलेंगी। लेकिन सच तो यह है कि बैक डिजाइंस फैशन डिजाइनर्स की क्रिएटिविटी पर डिपेंड करते हैं, जैसे इन दिनों चोली में बैक डिजाइन में नेट सबसे ज्यादा यूज किया जा रहा है। इससे फिगर की शेप बहुत अच्छी आती है। चोली के इस डिजाइन को हेल्दी महिलाएं खूब पसंद कर रही हैं। अगर आपने टैटू बनवाया है, तो आपकी नेट चोली दिखता टैटू आपको बोल्ड लुक देगा। वहीं, इससे आपकी पर्सनैलिटी में ग्लैमरस टच भी आएगा।
ग्लैमरस बैक
ड्रेसेज के बैक डिजाइंस उन लड़कियों को ज्यादा पसंद आते हैं, जो डिस्कोथिक और पब ज्यादा जाती हैं। अगर आप शॉर्ट ड्रेसेज नहीं पहनना चाहतीं, तो अपनी ड्रेस के बैक में एक सुंदर-सा डिजाइन बनवा सकती हैं। इससे आप मॉडर्न भी दिखेंगी। यह डिजाइन आपको ग्लैमर लुक भी देगा। अगर आपकी कर्वी फिगर है, तो यह डिजाइन आपके लिए परफेक्ट हैं। फैशन डिजाइनर दीपिका कहती हैं कि पतली लड़कियों पर बैक डिजाइंस की ड्रेसेज ज्यादा फबती हैं। यही नहीं, आप इन डिजांइस को आप शॉर्ट व लॉन्ग हर तरह की ड्रेस पर डिजाइन करवा सकती हैं।
अक्सेसरीज हैं खास
वैसे, बैक डिजाइन में अक्सेसरीज खूब यूज की जा रही हैं। आपको बैक में लगाने के लिए हर तरह की अक्सेसरीज मिल जाएंगी। इनमें बीड्स की मालाएं, सिल्वर व गोल्ड चेन, राउंड बैंगल, हैंगिंग बटन, ब्रॉच, बटरफ्लाई और बो वगैरह डिजाइन खास हैं। इसके अलावा, कलरफुल क्रिस्टल, घुंघरू, मोती, मिरर भी लगा सकती हैं। वहीं, बाजार में आपको कई शेप्स में पैच भी मिलेंगे, जिन्हें आप अपनी ड्रेस के बैक में लगवा सकती हैं। इनमें थ्रेड और अक्सेसरीज यूज की गई हैं। यह देखने में बहुत ही खूबसूरत हैं। डिजाइनर सुरभि चावला कहती हैं कि आप लहंगे और साड़ी के साथ लो-वेस्ट चोली डिजाइन करवा सकती हैं। वहीं, चोली में हैंगिंग लेस व बटन जैसे ऑप्शन चुन सकती हैं।
चोली के खास डिजाइन
इन दिनों शादियों को देखते हुए चोलियों में आपको हर तरह के डिजाइन मिल जाएंगे। आप डीप नेक चोली के अलावा, बैकलेस विद चेन यूज कर सकती हैं। वहीं, ट्रांसपैरंट फैब्रिक की चोली भी डिजाइन करवा सकती हैं।
वर्क और पैटर्न
किसी भी ड्रेस का बैक डिजाइन वर्क और पैटर्न पर डिपेंड करता है। अगर वर्क की बात की जाए, तो आप एम्ब्रॉयडरी, सिक्विन, लेस, क्रोशिया, पैच, थ्रेड वर्क ट्राई कर सकती हैं। वैसे, इस बार गाउन में हॉरिजेंटल स्ट्राइप्स वाले डिजाइन ट्रेंड में हैं। अगर आप किसी खास तरह का पैटर्न डिजाइन करवाने की सोच रही हैं, तो सिलुएट्स, प्लेट्स व लाइट वॉल्यूम भी ट्राई कर सकती हैं। इससे आपकी ड्रेसेज बेहद ही खूबसूरत दिखेगी।







कॉकटेल रिंग का तूफानी स्टाइल


यंग गर्ल्स एकदम उस स्टाइल पर फिदा होती हैं, जिनमें वह मॉड लुक के साथ यूनीक भी दिखें। इसी की बानगी है कॉकटेल रिंग। इसकी क्वालिटी इसका साइज है। यानी जितनी बिग, उतनी अट्रैक्टिव। आपको बता दें कि फैशनेबल लुक पाने में इसका साइज खासा मायने रखता है। अक्सेसरी डिजाइनर निकिता के मुताबिक, कॉकटेल रिंग ने कई फिंगर्स पर रिंग्स पहनने के ट्रेंड को आउट कर दिया है। रेग्युलर ड्रेसेज के साथ इन दिनों ट्रेंड मल्टीकलर पैटर्न में एक बड़ी रिंग पहनने का है। हां, बात अगर मैच करवाने की हो, तो तब लाइट कलर की रिंग्स के साथ सेंटर में ब्राइट कलर यूज किया जा रहा है।
वैसे, कॉकटेल रिंग की पॉप्युलैरिटी इतनी ज्यादा है कि इवनिंग पार्टी या किसी अकेजन पर इसे बखूबी कैरी किया जा रहा है। दरअसल, पार्टी वियर के साथ ऐसी रिंग्स बेहद ग्लैमरस लुक देती हैं।
डिजाइंस की वरायटी
कॉकटेल रिंग में राउंड शेप सबसे ज्यादा कैरी की जा रही है। अगर आप डायमंड स्टडेड कॉकटेल रिंग लेना चाहती हैं, तो इस टाइम वाइट, ब्लैक, शैंपेन, ब्लू, ब्लैक कलर के डायमंड की ज्यादा डिमांड है। इसके अलावा, थ्री रो डायमंड रिंग, मॉडर्न स्नेक डायमंड रिंग, डायमंड रिंग में सिंगल ब्राइट स्टोन वाली रिंग और एनिमल के साथ फ्लॉवर्स की शेप वाली रिंग्स काफी पसंद की जा रही हैं। अगर प्लानिंग स्टोंस में लेने की है, तो सिंगल ब्राइट स्टोन लगी रिंग सबसे ज्यादा पसंद की जा रही है। रूबी और एमरल्ड सेमी-प्रीशस स्टोन्स से बनी रिंग में सिल्वर का यूज खूब पसंद किया जा रहा है। ब्रिक और मल्टिकलर भी कुछ हद तक डिमांड में हैं। खासतौर पर इवनिंग पार्टी के लिए स्टोन व जेम्स जड़ी कॉकटेल रिंग ज्यादा डिमांड में है। बोल्ड स्टाइल को रिफ्लेक्ट करने में सिंगल बड़े स्टोन वाली रिंग की भी डिमांड है।
वहीं, वाइल्डलाइफ लवर्स के लिए स्नेक और दूसरे एनिमल्स की बॉडी शेप के पैटर्न की रिंग्स भी आ रही हैं। इनमें सॉलिड डिजाइन से लेकर वर्क वाले ऑप्शन भी मिलेंगे। इसके अलावा, कलर्ड स्टोन्स की कॉकटेल रिंग भी ड्रेस से मैच करती हुई खूब पहनी जा रही है। इनकी प्राइस 300 से लेकर 700 रुपए तक है। इसमें छोटे-बड़े साइज के नग का यूज किया जाता है। बता दें कि कॉकटेल रिंग की स्टार्टिंग प्राइस 6 हजार रुपए है। इसके बाद इसकी कीमत लाखों तक हो सकती है। इसकी प्राइस इसमें यूज होने वाले स्टोन, डायमंड, डिजाइन वगैरह पर डिसाइड होता है।
टेक केयर
कॉकटेल रिंग का क्रेज ही ऐसा है कि इसकी कलेक्शन हर लेडी करना चाहेगी। लेकिन बेहतर होगा कि शॉपिंग से पहले आप कुछ बातों को ध्यान में रखें।
- अगर आपकी फिंगर्स लंबी हैं, तो पियर शेप की जगह राउंड शेप की कॉकटेल रिंग्स पहनें। मारकीज शेप के बड़े स्टोन वाली रिंग अवॉइड करें।
- नैरो फिंगर्स पर हार्ट और राउंड शेप की रिंग सूट नहीं करती। चौड़े बैंड जैसे डिजाइन की रिंग से फिंगर्स थोड़ी वाइड लगेंगी।
- अगर आपकी फिंगर्स शॉर्ट हैं, तो आपको ऐसी रिंग खरीदने की जरूरत है, जो फिंगर्स पर लंबे होने का इफेक्ट लाए। इसके लिए राउंड शेप की रिंग अवॉइड करें। आप पर मारकीज शेप स्टोन वाली रिंग सूट करेगी।
- अगर उंगलियां छोटी हैं, तो कॉकटेल रिंग का डिजाइन रेक्टेंगल शेप में ट्राई करें।
- अगर फिंगर वाइड है, तो कोशिश करें कि रिंग से फिंगर का वाइडर पार्ट शो न हो। वहीं, टोन्ड फिंगर पर राउंड शेप की रिंग सूट करेगी।








स्टाइल चेक


पर्सनैलिटी को अट्रैक्टिव लुक देने में जितनी हेल्प आपकी ड्रेस करती है, उतने ही जरूरी फुटवियर्स भी हैं। इसलिए इनकी शॉपिंग करते समय जरूरी है सबसे पहले उसका कम्फर्ट लेवल देखना और फिर ट्रेंड। इसी को ध्यान में रख लोटो ने फॉल विंटर कलेक्शन स्काईराइड लॉन्च किया है। इसमें शूज में कई तरह के डिजाइंस लाए गए हैं। लाइटवेट होने के साथ ही ये कलरफुल भी हैं, जिनका यूज आप मल्टि पर्पज वर्क के लिए कर सकते हैं। इनका अपर सिंथेटिक, लेदर और नायलोन में है। इनमें यूज की गई टेक्नॉलजी के चलते आप आराम से रनिंग, वॉकिंग वगैरह कर सकते हैं।
डिफरेंट स्टाइल...
फेस्टिव सीजन शुरू हो चुका है। यानी अब मौका है सजने-संवरने और शॉपिंग का। करवा चौथ, दीवाली, क्रिसमस और फिर नया साल। इन मौकों पर आप ग्लैमरस नजर आ पाएं, इसके लिए जरूरी है ड्रेस में कुछ सिलेक्टेड अंदाज कैरी करना। इसी के चलते फ्यूजन बीट्स ने इंडियन किट्च रेंज लॉन्च की है। यह क्लासी रेंज इंटरनैशनल एक्सपोजर से इंस्पायर्ड है और कलरफुल प्रिंट्स में वर्सेटाइल लुक लिए है। कलर्स की बात करें, तो इसमें सेफरन, सैंड, ब्लैक, एमरेल्ड और इलेक्ट्रिक ब्लू में आप लाइट व ब्राइट में कई शेड्स पा सकती हैं। इसमें मधुबनी पेंटिंग, बर्ड्स और रंगोली मोटिफ्स में टॉप, ट्यूनिक, कुर्तीज, लेगिंग्स वगैरह में खासी वरायटी लाई गई है।